Sunday, December 20, 2009

A silent ambiance surrounds me.... deep within cacophony hails.

Saturday, December 19, 2009


कुछ नज़र नहीं आता, नमी ये कोहरे की है या धुंधला गयी हैं आखें आंसुओं से...

Wednesday, November 25, 2009

ज़िन्दगी..... कैसी ये पहेली हाय !!!

ज़िन्दगी भी अजीब है, पता नहीं क्या क्या दिखाती रहती है... कहीं किसी मंजिल की तलाश होती है, तो कहीं कोई रास्ता ही नहीं नज़र आता,,, और कभी इतनी राहें होती हैं पर ये नहीं मालूम पड़ता की वो राह कौन सी है जो मंजिल तक ले जाएगी,,,, कभी कभी कोई मंजिल ही नहीं होती, बस राहें भटक कर रह जाती हैं..... और कभी मंजिल का तो पता होता है, लेकिन वहां ले जाने वाली कोई राह नहीं होती...

Wednesday, November 18, 2009

ना हार से ना जीत से, किंचित नहीं भयभीत मैं;
संघर्ष पथ पे जो भी मिला, ये भी सही वो भी सही

Friday, November 13, 2009

The world around me sounds utterly stupid and mad at times, trying hard to make me also feel the same and be a part of it ... Ohhh God... its a big challenge to keep your own thoughts clear and intact.